Holi [ holi kyon manate hain ]

Holi [ holi kyon manate hain ] 

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Holi kyon manate hain
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होली वाह क्या अच्छा महसूस होता है और खुशी भी बहुत होती है जब हम Holi का नाम सुनते हैं और हो भी क्यों न क्योंकि होली एक ऐसा पवित्र त्योहार है जो बहुत सारी खुशियां साथ मे लाता है। Holi एक ऐसा त्योहार है जिसमे बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी एक साथ मिलकर इस त्योहार को मनाते हैं और खुशियां बांटते हैं ।

पर क्या आप जानते हैं holi क्यों मनायी जाती है इसके पीछे क्या इतिहास है, क्या आप जानते हैं कि दुनिया मे कोई दूसरा ऐसा देश नहीं है जहाँ पर एक साथ मिलकर सभी लोग खुशिया मनाते हों यदि आप ये जानना चाहते हैं तो आप बिलकुल सही पोस्ट पढ़ रहे हैं तो चलिए जानते हैं क्या इतिहास छिपा है holi मनाने के पीछे...

Holi होली

Holi kyon manate hain
Holi kyon manate hain


जैसा कि आप सभी लोग जानते हैं कि होली एक पवित्र त्योहार है और ये पर्व हर वर्ष वसंत ऋतु के समय फाल्गुन यानी कि मार्च के महीने में मनाया जाता है यह त्योहार पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है इस बार यह त्योहार पूरे देश भर में 10 मार्च को मनाया जाएगा । कहा जाता है कि इस त्योहार के बाद सर्दी का मौसम चला जाता है और गर्मी आ जाती है ।

Holi क्यों मनाई जाती है


Holi का त्योहार बहुत ही प्राचीन समय से चला आ रहा है इसका कोई सही समयकाल मालूम नहीं है कि ये कितने वर्ष पुराना त्योहार है ।

होली क्यों मनाई जाती है इसके पीछे बहुत सी कहानियाँ हैं परन्तु सबसे प्रचलित कहानी प्रह्लाद की भक्ति की है।

प्राचीन काल में हिरणाकश्यप नाम का एक बलशाली असुर था वो ब्रह्मा देव का बहुत बड़ा भक्त था उसे बाह्म देव से एक वरदान प्र्याप्त था कि उसे न कोई जल में मार पायेगा, न आकाश में, न पाताल में, न वायु में, न कोई अग्नि उसे जला पाएगी, न कोई मनुष्य उसे मार पायेगा, न कोई जानवर, न कोई अस्त्र सस्त्र मार पायेगा और न कोई उसे घर के अंदर मार पायेगा और न घर के बाहर ।
इसी वजह से वह बहुत घमंडी हो गया था और अपने आस पास के लोगों को सताता था और जो भी भगवान विष्णु की पूजा करते थे उन्हें खुद की पूजा करने को कहता था जो लोग नही मानते थे वो उन्हें मार देता था।

लेकिन हिरणाकश्यप का एक पुत्र प्रह्लाद था जो कि भगवान विष्णु का बहुत बड़ा भक्त था ।
हिरणाकश्यप से सभी लोग डरते थे लेकिन एक असुर परिवार में होने के बावजूद भी प्रह्लाद भगवान विष्णु का बहुत बड़ा भक्त था हिरणाकश्यप ने बहुत बार अपने पुत्र को समझाया कि विष्णु की पूजा करना छोड़ दो

परंतु उसका पुत्र नहीं माना हिरणाकश्यप ने बहुत प्रयास किये पर हर बार वो विफल रहा अंततः उसने फैसला की वह अपने पुत्र प्रह्लाद को मार देगा उसने अपने इस घिनौने काम के लिए अपने बहन holika को चुना क्योंकि होलिका को भगवान शिव से वरदान प्राप्त था उसके पास एक कपड़ा था जो यदि holika के बदन पर रहेगा तब तक उसे कोई अग्नि जला नहीं सकती।

Holi kyon manate hain
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होलिका इस काम के लिए राजी नहीं हुई लेकिन हिरणाकश्यप ने उसे भी धमकी दे दी थी कि अगर वो ये नहीं करेगी तो उसे भी मार दिया जाएगा
फिर होलिका प्रह्लाद को अपनी गोद मे लेकर आग में बैठ गयी तब प्रह्लाद भगवान विष्णु का जाप कर रहे थे तभी अचानक तेजी से हवा चलने लगी और होलिका के बदन से वो कपड़ा हट गया और वो जल कर भष्म हो गयी लेकिन प्रह्लाद को कुछ भी नहीं हुआ अग्नि देव ने उन्हें छुआ तक नहीं।

तभी से हिन्दू धर्म मे लोग इस दिन को बुराई पर अच्छाई की जीत मानते हैं और होली मनाते हैं।

Holi के एक दिन पहले होलिका दहन होता है उसमें लकड़ी, घास, फूंस, गोबर के बल्ले बनाकर जलाया जाता है और अगले दिन सुबह रंग, अबीर, गुलाल, आदि से होली खेली जाती है सभी लोग खुशियां मनाते हैं।

होली क्यों मनाते हैं पढ़ते वक्त आपके मन मे ये प्रश्न आ रहा होगा कि ये असुर हिरनाकश्यप भगवान विष्णु से इतनी नफरत क्यों करता था कि उनकी जो लोग पूजा करते थे उनको मार देता था
इसका कारण ये है कि भगवान विष्णु ने हिरणाकश्यप के भाई को मारा था वो भी हिरणाकश्यप की तरह अत्याचार करता था इसीलिए।

Holi को सही तरीके से मनाए

जैसा कि आप सभी लोग जानते हैं कि holi में प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए लेकिन आज कल ऐसा कहाँ हो पाता है ।

आप जब भी market में रंग, गुलाल जो भी लेने जाते हैं सभी में chemical मिला होता है जो कि आपकी त्वचा के लिए बहुत हानिकारक साबित होते हैं। लेकिन market में प्राकृतिक रंग भी मिलते हैं और वो कुछ मंहगे होते हैं chemical वाले रंगों की अपेक्षा इसीलिए ज्यादातर लोग इन सस्ते वाले रंगों को खरीद लेते हैं ।

लेकिन क्या आपको पता है ये chemical युक्त रंग इतने ज्यादा खतरनाक होते हैं आपकी कोमल त्वचा के लिए।

आपको मैं यही सलाह दूंगा की आने वाली हर होली में आपको chemical रंगों का उपयोग करने से बचना होगा।
जिससे आप भी स्वस्थ रहेंगे और आपका परिवार और आपके सभी रिस्तेदार । चलिए अब मैं आपको बताता हूँ holi के दिन क्या करना है और क्या नहीं करना है...

Holi के दिन क्या सावधानी बरतनी हैं आपको

  1. आपको प्राकृतिक रंग का use करना है।
  2. आपको अपने बालों पर थोड़ा ज्यादा hair oil लगाना है जिससे कि यदि आपके बालों में रंग लग जाये तो आसानी से छूट सके।
  3. आपको ऐसे कपड़े पहनने हैं जिससे आपकी पूरी त्वचा ढकी रहे।
  4. आप अपनी आंखों पर या तो कोई चश्मा लगा लीजिये या फिर चेहरे पर आप mask लगा सकते हैं।
  5. आपको अपने चेहरे पर ग्लिसरीन का use करना है जिससे यदि आपके चेहरे पर रंग लग जाता है तो उसे आसानी से साफ किया जा सके।

कृपया ये कुछ step आप जरूर फॉलो कीजियेगा अपने और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए।

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आपका कीमती समय देने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।

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